उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश की ओर

कुलदीप श्रीवास्तव@bhojpuripanchayat.इन -: जबसे योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद को संभाला है, तब से युद्ध स्तर पर अपनी साकारात्मक छवि के साथ उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने में जी-जान से समर्पित हो चुके हैं। अगर आदित्यनाथ धरातल पर एक ‘योगी’ और सेवक की तरह सरकार चला देते हैं तो माननीय दिग्विजय सिंह, आज़म खान, मायावती और औवेशी जैसे अनेकानेक ‘छद्म सेक्युलरिस्टों’ के सपने कभी पूरे हो ही नहीं सकते! इन कथित नेताओं के सपने इसलिए भी पूरे नहीं हो सकते क्योंकि एक ‘योगी’ का अपना कोई स्वार्थ नहीं होता, उसके लिए सभी लोग बिना किसी भेदभाव के एक सामान होते हैं। उनके संस्कारों में प्रेम, दया, करुणा, अहिंसा, समता, मानवता का वास होता है और वे एक बेहतर ‘रामराज्य’ के अलावा लोगों को कुछ दे ही नहीं सकते! यहाँ रामराज से मतलब समान शासन, सबके विकास से है। वैसे कुछ ‘छद्म सेक्युलरिस्टों’ ने अल्पसंख्यकों में खासकर मुसलमानों के मन में कुछ ऐसे नाकारात्मक भाव बिठा दिए थे जिससे योगी के प्रति इस तबके में कथित नफरत के भाव थे पर ऐसा कुछ भी नहीं दिखता। ये बातें बकवास जैसी ही हैं। वैसे भी किसी ‘सच्चे योगी’ का रामराज्य बिलकुल भगवान श्री रामजी के राज्य जैसा ही हो सकता है,जहां कि सिर्फ और सिर्फ प्रेम, दया, करुणा, अहिंसा, समता, मानवता का भाव होता है और हर जन की खुशहाली चरम उद्देश्य। एक ‘योगी’ निरंकुश, जल्लाद, नफ़रत से भरा हुआ ,धर्म और जाति के नाम पर भेदभाव करने वाला शासक भला हो भी कैसे सकता है? दशकों से ‘भगवा’ और ‘रामराज्य’ के नाम पर अल्पसंख्यकों, खासकर मुसलमानों में,‘छद्म सेक्युलरिस्टों’ द्वारा फैलाई गयी भ्रांतियों को तोड़ने का यह सही वक़्त है। योगी आदित्यनाथ को सचमुच अब ‘योगी’ की तरह ही सरकार चलानी चाहिए और सही अर्थों में रामराज्य की स्थापना पर दृढ़ता से आगे बढना चाहिए। वैसे भी एक ‘योगी’ को कौन सा अपनी सात पुश्तों के लिए धन इकट्ठा करना है, या अपने नाते रिश्तेदारों के लिए राजनीति की ज़मीन तैयार करनी है! एक ‘योगी’ के पास आखिर खोने के लिए है ही क्या?? पाने और देने के लिए पूरा ‘रामराज्य’ है, जिसे वे ही पा सकते हैं और वे ही दे सकते हैं।

ये प्रश्न आज बहुत से लोगों के मन में उठ रहा है और कइंयों के दिलो दिमाग में तूफ़ान पैदा कर रहा है! तथाकथित ‘सेक्युलरिस्टों’ की जमात ने अल्पसंख्यक समुदाय, खासकर मुसलमानों के मन में भगवा रंग और भाजपा के प्रति जैसी धारणा बना दी है, उससे उस समुदाय में यूपी की सरकार और खासकर उसके मुखिया योगी आदित्यनाथ को लेकर आशंकाओं का पैदा होना लाज़मी ही है। हालांकि इस बार के यूपी चुनावों ने अल्पसंख्यकों की इस अवधारणा को ध्वस्त किया है, क्योंकि उन्होंने भी इस बार भाजपा को वोट किया है, फिर भी ‘छद्म सेक्युलरिस्टों’ की जमात मीडिया में अपनी छाती कूट कर भाजपा के खिलाफ एक भय वाला माहौल बनाने में सक्रिय है।

आइए, अब विचार करते हैं कि आदित्यनाथ अगर सचमुच एक ‘योगी’ की तरह यूपी की सरकार को चला दें तो क्या होगा? क्या यूपी के अल्पसंख्यक, खासकर मुसलमानों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट जाएगा? क्या यूपी साम्प्रदायिक आग में झुलस जाएगा? क्या हिन्दू-मुस्लिम सड़कों पर तलवारें भांजने लग जायेंगे? क्या खून की नदिया बह जायेंगी? जी हाँ, दिग्विजय सिंह, आज़म खान, मायावती, औवेशी और उन जैसे ही अनेकानेक ‘छद्म सेक्युलरिस्टों’ के हिसाब से बिलकुल ऐसा ही होगा, अगर आदित्यनाथ ने बिलकुल ‘योगी’ की तरह सरकार चलादी तो! हँसी आ रही है, ऐसे समाज के पथप्रदर्शकों पर, ऐसे अगुआओं पर जो अपनी राजनीति की रोटी सेंकने के लिए जनता, देश, समाज का भला गौण कर देते हैं और तीन-पाँच करके, लोगों को बर्गलाकर बस कुर्सी हथियाना चाहते हैं।

सच्चाई तो यह है कि अगर योगी जी ने यूपी में रामराज्य ला दिया, एक योगी की तरह सरकार चला दिया तो पूरा यूपी भयमुक्त हो जाएगा, भ्रष्टाचार मुक्त हो जाएगा, हर हाथ को काम मिलेगा, किसानों, मजदूरों को उचित दाम मिलेगा और समाज के हर वर्ग के बच्चों, युवाओं को उचित शिक्षा। बेरोजगारी दुम दबाकर भाग जाएगी और रामराज का सपना साकार हो जाएगा। हर धर्म के लोग बैर-भाव भुलाकर साथ मिलकर रहेंगे और यूपी, समाज के विकास में सहभागी बनेंगे। साथ ही छद्म सेक्युलरिस्टों’ को दुम दबाकर किसी बिल में छिपना होगा या अपने कार्य आदि में साकारात्मकता लानी मजबूरी हो जाएगी।

आप खुद सोचिए, आखिर एक ‘योगी’, क्यों भ्रष्ट राजनीति और राजनेताओं की कतार में बैठना पसंद करेगा? वह क्यों कुछ ऐसा करेगा कि उसके राज्य की उन्नति न होकर अवनति हो? ‘राजनीति’ को ‘रामनीति’ बनाकर एक योगी ही प्रदेश, देश की दशा और दिशा बदल सकता है। जी हाँ, योगी आदित्यनाथ ऐसा कर पायेंगे, ये उम्मीद रखी जा सकती है,क्योंकि सत्ता में आने के दिन से ही योगी आदित्यनाथ ने अपनी साकारात्मक सोच को क्रियान्वित करना शुरू कर दिया है और यूपी की खस्ताहाल गाड़ी को सही रूप से ठीक करने में लग गए हैं और बंद पड़ी यह गाड़ी तो अब चलने भी लगी है। आशा नहीं पूर्ण विश्वास है कि रामराज की गाड़ी तेजी से दौड़ेगी और उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बनेगा। हाँ, बस थोड़ा सब्र करने की जरूरत है और साथ ही योगी जी के साथ खड़े होने की।

 

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