गीत

पूजी गनेस लछमी

चाहत बानी अउरी

खेदेले दरिद्दर माई

पीटी सूपा दउरी ॥

 

लीपि पोती दुअरा

बनावेली गोधना

करें दुवारे गोबरी

पुवरा बने पोतना

गाई गाई गीतिया

सराप दीहें चउरी  ॥

 

मुसरा से कुटी के

हंसत मोर धियरी

भइया के दें बजरी

माथे ओढ़ी चुनरी

रहिया निरेखी भउजी

खोली, चचरा धउरी ॥

 

संगे नवका चिउरा

चिनिया के मिठाई

सझिए पुजइहें देव

होई बसिया बटाई

तबो बहिनी दुलारी

भाई करी चिरउरी ॥

 

 

  • जयशंकर प्रसाद द्विवेदी

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