भोजपुरी फिल्म “मन के कचोट” का भव्य मुहुर्त

   भोजपुरी सिनेमा अभी अपने स्वर्णिम दौर से गुजर रहा है। इस क्रम में भोजपुरी सिनेमा के माध्यम से भोजपुरी भाषा विश्व में और प्रभावशाली बनी है। जितना सिनेमा सशक्त हुआ है उतना ही साहित्य भी सशक्त हुआ है।
     इसी क्रम में एम भी ए फिल्मस के बैनर तले बनने जा रही भोजपुरी फिचर फिल्म “मन के कचोट” का दिल्ली के विजय एन्क्लेव, पालम में भव्य मुहुर्त सम्पन्न हुआ। इस फिल्म का कहानी भोजपुरी व हिन्दी के साहित्यकार वैद्यनाथ विभाकर का लिखा हुआ है तो पटकथा व संवाद है अभिषेक भोजपुरिया का। इस फिल्म के निर्माता हैं अभिषेक रंजन व सह निर्माता परमेन्द्र सिंह हैं जबकि निर्देशन कर रहे हैं संजय ऋतुराज। संजय ऋतुराज ने इससे पहले दगाबाज पिरितिया फिल्म बनाई है जो अगले महीने रिलिजिंग के लिए तैयार है। गीत लिखा है भोजपुरी के सुप्रसिद्ध कवि डाॅ गोरख प्रसाद ‘मस्ताना’ व कुंदन सिंह ने जबकि संगीत दिया है चंदन सिंह ने। डीओपी दिनेश ग्रोवर है जबकि कोरियोग्राफ करेंगी संगीता गाँधी। इस फिल्म में मुख्य भूमिका में अभिषेक भोजपुरिया, उपासना मैत्रा, अंशु खान, केसरी जी, महेन्द्र प्रसाद सिंह, संतोष प्रसाद, प्रिया ठाकुर, श्वेता दाहिया, मीना राय, वीणा वादिनी, प्रियंका कुमारी, पवन पाठक व प्रमेन्द्र सिंह, रंजीत भोजपुरिया के अलावे अन्य कलाकार हैं। बतौर मुख्य अभिनेता अभिषेक भोजपुरिया की यह पहली फिल्म होगी। इससे पहले इन्होंने छोटे छोटे किरदार कई फिल्मों व सिरियल में निभाया है। इस फिल्म की शुटिंग दिल्ली समेत बिहार के छपरा, सिवान, सासाराम, कैमुर, नालंदा के अलावे राज्य के विभिन्न लोकेशन पर की जाएगी।
       इस फिल्म के मुहुर्त के मौके पर फिल्म के कलाकारों के अलावे वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ गोरख प्रसाद मस्ताना, वरिष्ठ रंगकर्मी महेन्द्र प्रसाद सिंह, साहित्यकार तेज प्रताप, भोजपुरी जन जागरण अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष पटेल, धनंजय कुमार सिंह, आर. जे. अख्तर खान, देवेन्द्र कुमार मनोज कुमार सिंह, राकेश कुमार सिंह, अनुज तिवारी, मंजु कुमारी, नृपेन्द्र अभिषेक, गणेश सिंह, सलमान राज आदि उपस्थित थे जिन्होने भोजपुरी सिनेमा पर अपनी बात रखी। यह फिल्म पुरी तरह से पारिवारिक व साफ सुथरी फिल्म है। बताते चलें कि‌ इस फिल्म के मुख्य अभिनेता अभिषेक भोजपुरिया व निर्देशक संजय ऋतुराज ने भोजपुरी लोकगीत व सिनेमा में अश्लीलता के खिलाफ मुहिम छेड़े हुए हैं। तो इनसे यह आशा की जा सकती है कि इनकी फिल्म में द्वीअर्थी व फुहर संवाद व सीन नही होंगे।

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