मुख्यमंत्री फडणवीस ने फोन पर सम्बोधित कर लोगों का मन मोह लिया

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने फोन पर शुभकामनाएं देकर उत्तरभारतीय समुदाय का मन मोह लिया।समारोह में अचानक आयोजक अमरजीत मिश्र का मोबाईल घनघानाया दूसरी ओर मुख्यमंत्री फडणवीस थे, उन्होंने लोगों को सम्बोधित करते हुए यूपी दिवस की शुभकामनाएं दी और करीब 20 मिनिट तक सधे हुए ढंग से लोगों से कहा कि मुम्बई और उत्तरप्रदेश को बदलने में उनका साथ दें। उन्होंने प्रधनमंत्री के यूपी से होने  और उनके  देश के विकास के लिए ततपर रहने की भी याद दिलाई। मुख्यमंत्री ने प्रधनमंत्री के टास्क फ़ोर्स की बैठक से निकलते ही फोन किया। अगले साल उपस्थित रहने का वादा किया। और उत्तरभरतीय समाज की कर्मठता की प्रशंसा की। पिछली बार भी श्री फडणवीस इस समारोह में शामिल हुए थे।

amarjeetmishra-abhiyan-upmdiwas-mumbai
amarjeetmishra-abhiyan-upmdiwas-mumbai

देश के विभिन्न राज्यों में आगामी चुनावी उठापटक के बीच जहाँ एक ओर उत्तरप्रदेश में होनेवाले विधानसभा चुनाव में राजनेताओं द्वारा नई इबारत गढ़ने की कवायद चल रही है और मुंबई में होनेवाले मनपा के लघु विधानसभा चुनाव में शिवसेना की0 परम्परागत सत्ता को चुनौती देने के लिए व्यूह रचना बन रही है तो वहीं दूसरी ओर इन सबसे विलग अभियान संस्था के उत्तरप्रदेश स्थापना दिवस समारोह में राजनीति से परे उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सांस्कृतिक सेतु को मजबूत करने का प्रयास हो रहा था।
24 दिसम्बर मंगलवार की शाम को सांताक्रुज के मिलन सबवे के निकट स्थित लायंस क्लब का विशाल परिसर “जय जय महाराष्ट्र माझा” और “बम बम बोल रहा है काशी” के समवेत गायकी का साक्षी बना। प्रसिद्ध लोकगीत गायिका पद्म पुरस्कार से सम्मानित मालिनी अवस्थी, लोकगीत गायक सुरेश शुक्ल, दीपक त्रिपाठी, प्रियंका सिंह व अनामिका सिंह के आंचलिक गीतों ने उत्तरप्रदेश दिवस की शाम को यादगार बना दिया। मुम्बई की सामाजिक सांस्कृतिक संस्था ‘अभियान’ द्वारा विगत 28 वर्षों से आयोजित किये जा रहे इस समारोह में देश की अनेकता में एकता का दर्शन तो हुआ ही साथ ही आनेवाले दिनों में उत्तरप्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रम बदलने पर वहाँ के विकास को गति मिलने के संकेत भी मिले। मुम्बई में मनपा चुनाव के चलते लगी आचार संहिता की वजह से नेताओं ने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा, किन्तु मुम्बई और उत्तरप्रदेश में परिवर्तन का संकेत इशारों इशारों में देना नहीं भूले। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री और चंदौली के सांसद डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय ने उपस्थित जनसमूह से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सपनों का उत्तरप्रदेश बनाने में सहयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम में भास्कर समाचार पत्र समूह के संपादक श्री प्रकाश दुबे को अतिथियों द्वारा ‘श्री राम मनोहर त्रिपाठी स्मृति’ सम्मान प्रदान किया गया। प्राचार्य इंद्रबहादुर सिंह के प्रथम शिष्य प्रकाश दुबे के सम्मान में स्मृति चिन्ह दिया।
आसमान में झिलमिलाते सितारे और अभियान के भव्य आकर्षक मंच से सोहर -कजरी पर गंवई अंदाज में नृत्य पेश करती महिलाएं, भोजपुरी फिल्मों के कलाकारों के अनोखे अंदाज में की गयी प्रस्तुति , बच्ची के जन्म से लेकर विवाह तक के भावुक क्षणों का लोकगीतों के माध्यम से जीवन्त अभिनय और लोकरंग की मस्ती में झूमते उत्तरभारतीय समाज के पच्चीस हजार से अधिक लोगों का विशाल समूह मुम्बई में लघु उत्तरप्रदेश की मनमोहक झलक दिखा रहा था।
अभियान की परम्परा के मुताबिक उत्तरप्रदेश दिवस समारोह का उद्घाटन मराठी के गजल नवाज श्री भीमराव पांचाले और केंद्रीय फ़िल्म सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष श्री पहलाज निहलानी के हाथों छत्रपति महाराज शिवाजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा  ‘जय जय महाराष्ट्र माझा’ के मराठी गीत से हुआ। फिल्म अभिनेता  गोविंदा ने अपने विशिष्ट अंदाज से दर्शकों का मन मोह लिया। पद्मश्री मालिनी अवस्थी एवं अन्य लोकगीत गायकों ने अपनी लोकगीतों की मधुर स्वरलहरियों के जादू से हज़ारों दर्शकों को थिरकने पर बाध्य कर दिया। रेलिया बैरन पिया को लिए जाय रे, मिथिला मगन भई आज सिया को जनम भयो जैसे  लोकगीत से लेकर सोहर -पचरा आदि कई गीतों की प्रस्तुति मालिनी ने किये।
अभियान के संस्थापक व मुम्बई बीजेपी के महामंत्री अमरजीत मिश्र ने इस परम्परा को महाराष्ट्र के मस्तक पर उत्तरप्रदेश द्वारा तिलक लगाने की संज्ञा दी और उपस्थित जनसमूह को प्रत्येक वर्ष अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु धन्यवाद दिया। महाराष्ट्र की राज्यमंत्री विद्या ठाकुर ने अभियान द्वारा 28 वर्षों से उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के इस अद्भुत आयोजन के निर्विघ्न आयोजन हेतु अभियान के अध्यक्ष श्री अमरजीत मिश्र की प्रशंसा की और उन्हें बधाई दी। राष्ट्रगान की मधुर ध्वनि के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश देती एक लघु नाटिका लोगों को भाई। जन्म पर सोहर , मायके में सावन पर कजरी , विवाह के बाद विदाई गीत और ससुराल में छठ पर्व पर लोकरंग में रंगी स्त्री का जीवन्त चित्रण किया गया। गायिका अनामिका सिंह, प्रियंका सिंह ,अभिनेत्री सीमा सिंह और पूनम दुबे ने भी अपनी प्रस्तुति की।भोजपुरी पंचायत पत्रिका के संपादक कुलदीप कुमार और नृत्य निर्देशक  कानू मुखर्जी का भी विशेष सम्मान भी अतिथियों के हाथों हुआ।मुंबई में छठ व्रतियों को पहली बार सुविधा उपलब्ध करवाने वाले समाजसेवी मोहन मिश्र,जयप्रकाश ठाकुर भाजपा नेता प्रेम शुक्ल, आर डी यादव, संजय उपाध्याय, अरुण देव, मूलचंद शुक्ल, इरफ़ान अहमद, हेमांग जांगला आदि नेतागण उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ में कृषि के क्षेत्र में क्रांति करनेवाले डॉ राजाराम त्रिपाठी , कवि महेश दुबे, समाजसेवी, डॉ राजेन्द्र सिंह,पीटीआई के पत्रकार आनन्द मिश्र, उद्योगपति राजेश मिश्र,निर्माता निखिल सिन्हा, प्रमिला शर्मा व उत्तर मित्र का सम्मान समाजसेवी अनिल मुरारका आदि का सम्मानित किया गया ।कार्यक्रम का संचालन पत्रकार सुनील सिंह,  आदित्य दुबे और आनंद मिश्र ने किया और अतिथियों का स्वागत अभियान के अध्यक्ष रामसजीवन दुबे ने किया

Leave a Comment