वित्त मंत्रालय ने बदला सीबीईसी का नाम, बदलकर किया सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम्स

नई दिल्ली: अप्रत्यक्ष कर की सर्वोच्च पॉलिसी मेकिंग बॉडी सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम (सीबीईसी) का नाम बदलकर सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम्स (सीबीआईसी) किया जा रहा है। वित्त मंत्रालय ने अपनी एक स्टेटमेंट में बताया कि वैधानिक मंजूरी लेने के बाद सीबीईसी का नाम बदलकर सीबीआईसी किया जा रहा है।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम्स (सीबीआईसी) सेंट्रल एक्साइज लेवी और कस्टम्स के कामकाज तो जारी रखेगा ही इसके अलावा अपने सभी फील्ड फॉर्मेशंस और निदेशालयों की निगरानी करेगा। साथ ही सरकार के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित पॉलिसी निर्माण से संबंधित कार्यों में भी सहयोग करेगा।

वित्त मंत्रालय ने कहा, ‘केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वस्तु एवं सेवा कर को लागू करने के लिए सीबीईसी के फील्ड फॉर्मेशन के पुनर्गठन को अनुमति दे दी है।’ साथ ही प्रस्तावित जीएसटी कानूनों के प्रावधानों को लागू करने के लिए सेंट्रल एक्साइज और सर्विस टैक्स के मौजूदा स्वरूप को पुनर्गठित किया गया है।

इनडायरेक्ट टैक्स रिफॉर्म जीएसटी से कर चोरी पर लगाम लगने की उम्मीद है। इससे कमोडिटी सस्ती होंगी और साथ ही भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) ग्रोथ में दो फीसद का इजाफा होगा। जीएसटी में एक्साइज, सर्विस टैक्स, वैट और अन्य लोकल लेवीज समाहित हो जाएंगी।

सीबीआईसी के 21 जोन, 15 सब कमिश्नरेट्स में 101 जीएसटी टैक्सपेयर सर्विसेज कमिश्नर, 768 डिवीजन, 3969 रेंज, 49 ऑडिट कमिश्नरेट्स और 50 अपील्स कमिश्नरेट्स होंगे। स्टेटमेंट में बाताय गया है कि इससे अप्रत्यक्ष कर प्रशासनिक स्ट्रक्चर के माध्यम से पूरे देश में तेज टैक्सपेयर सर्विसेज सुनिश्चित होंगी।

 

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