संस्कार भारती शास्त्री नगर इकाई ने डॉ गोरख प्रसाद मस्ताना को सम्मानित किया

15/1/2017 को संस्कार भारती शास्त्री नगर इकाई की मासिक गोष्ठी सरस्वती शिशु मंदिर नेहरू नगर गाज़ियाबाद मे सम्पन्न हुई । आज की इस गोष्ठी मे “परिवार कैसा हो ” विषय पर सभी कवियों ने अपनी रचनायेँ पढ़ी । हिन्दी के साथ साथ ब्रज और भोजपुरी की काब्य सरिता जो प्रवाहित होनी शुरू हुई , वह अनवरत 4 घंटे तक सभी को भिंगोती रही । आज इस गोष्ठी मे 42 कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से परिवार और उसके प्रत्येक अंगो की अपने अपने तरीके और शब्दो से अभिव्यक्ति दी । दिल्ली से पधारे श्री केशव मोहन पाण्डेय जी ने भोजपुरी गीत ” देखिहा भूइयां न गिरे बाबुल के पगरी  ” की जो रासधार प्रवाहित की ,वह जे पी द्विवेदी के गीत ” नाही रुचेले भोरहरी आउर शाम बबुआ” और श्री अशोक श्रीवास्तव तक पहुँच कर प्लावित होकर आदरणीय श्री गोरख प्रसाद मस्ताना जी तक पहुँचते पहुंचते सागर मे तब्दील हो गयी । गाजियाबाद की धरती स्वयं मे काव्य की धरती है , वहाँ आज हिन्दी , ब्रज और भोजपुरी का संगम बन गया । आज का कार्यक्रम की शुरुवात अध्यक्षा श्रीमति मधु भारतीय और मुख्य अतिथि डॉ गोरख प्रसाद मस्ताना जी ने दीप प्रज्वलित कर विधिवत शुरुवात दी । तदुपरान्त संस्कार भारती ,शास्त्री नगर इकाई ने मंचशीन अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया । संस्कार भारती शास्त्री नगर इकाई की ओर से श्री मोहन द्विवेदी और गज केसरी युग के संपादक श्री गजेंद्र सिंह ने  डॉ “मस्ताना” को सम्मान प्रतीक देकर और अंग वस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया । उसके उपरांत ब्रिज नन्दन पचौरी की कर्णप्रिय सरस्वती वंदना से कार्यक्रम की औपचारिक शुरुवात हुई । उसके बाद काब्य की धारा का जो अविरल प्रवाह शुरू हुआ वह चलता रहा और सभी को भाव विभोर करता रहा । डॉ राजीव पाण्डेय जी अपने काव्यपाठ से जो छटा विखेरी , वह बहुत दिनो तक मन मे ताजा रहेगी । विनोद पाण्डेय ने “साहब का कुत्ता बीमार है ” से सभी को गुदगुदाया । मासूम गाजियाबादी और श्री चंद्रभानु मिश्रा अविस्मरणीय रहे ।  आज उपस्थित कवियों मे श्री मोहन द्विवेदी जी अपने संचालन कौशल से सभी को मंत्र मुग्ध करके रखा । आज सबसे सुखद रहा डॉ जयप्रकाश मिश्र जी का ब्रज मे गीत पढ़ना । अंत मे श्रीमति मधु भारतीय जी अध्यक्षीय काब्य पाठ के साथ गोष्ठी सम्पन्न हुई । धन्यवाद ज्ञापन श्री चंद्रभान मिश्रा जी ने किया । आज की इस गोष्ठी ने सफलता के उस हर शिखर का आरोहण किया , जिसकी हर किसी को दरकार होती है !!

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