निनानबे के चक्कर

निनानबे के चक्कर

निनानबे के चक्कर। सुनले बानी की ना? अरे जरूर सुनले होखबि। सुनलहीं होखबि। सुनलहीं का, रउओं कहत होखबि की फलनवा निनानबे की चक्कर में पड़ी गइल बा। अउरी हाँ जे पड़ी गइल ए निनानवे की चक्कर में ओकर भूखी-पियासी मरी जाला। आराम ओकरा के हराम लागेला अउरी सुतले के उ बेमारी समझेला। अरे एतने ना, दिन-रात, साँझि-बिहान बस निनाबे के सव बनवले में लागल रहेला। इहां सव के मतलब सौ से बा, सव (मिरतक) से…

Read More