दमदार भोजपुरीया 2017

दमदार भोजपुरीया 2017

 कुलदीप श्रीवास्तव@bhojpuripanchayat.in दमदार भोजपुरिया! जी हाँ। भोजपुरिया माटी की एक अलग ही पहचान रही है। इस मिट्टी में वो ताकत है, वो जज्बा है, मानवता की वो खुशबू है, जीवन को समझने की वो अद्भुत कला है जो भारत ही क्या विश्व को ज्ञान के पथ पर, विकास के पथ पर, शांति के पथ पर अग्रसर करने में महती भूमिका निभाने के साथ ही ज्ञान-विज्ञान से, सुख-शांति-समृद्धि से विश्व को समृद्ध करने में सदा-सदा ही…

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उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश की ओर

उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश की ओर

कुलदीप श्रीवास्तव@bhojpuripanchayat.इन -: जबसे योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद को संभाला है, तब से युद्ध स्तर पर अपनी साकारात्मक छवि के साथ उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने में जी-जान से समर्पित हो चुके हैं। अगर आदित्यनाथ धरातल पर एक ‘योगी’ और सेवक की तरह सरकार चला देते हैं तो माननीय दिग्विजय सिंह, आज़म खान, मायावती और औवेशी जैसे अनेकानेक ‘छद्म सेक्युलरिस्टों’ के सपने कभी पूरे हो ही नहीं सकते! इन कथित नेताओं…

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सबरंग, लोकरंग के वाहक भोजपुरी पंचायत

सबरंग, लोकरंग के वाहक भोजपुरी पंचायत

कुलदीप कुमार@bhojpuripanchayat.in ‘भोजपुरी पंचायत’ में भोजपुरी की है आत्मा बसती, इसमें लोक संस्कृति, लोकरंग की कोयल है कू-कू करती, यह सिपाही है भोजपुरी समाज, संस्कृति और विरासत की, इसमें हमारी मातृभाषा भोजपुरी महकती, चहकती, गमकती। प्रणाम। राम-राम। जय मातृभाषा। जय भोजपुरी। जय-जय भोजपुरी पंचायत। जी हाँ। भोजपुरी पंचायत ने अपने कर्मपथ पर अनवरत अग्रसर रहते हुए चार वर्ष की सार्थक, समयोचित यात्रा पूरी कर ली है। चार वर्ष की यह छोटी बाला है तो छोटी,…

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फिर जगी उम्मीदें!

फिर जगी उम्मीदें!

कुलदीप श्रीवास्तव उम्मीद पर दुनिया कायम हैं! उम्मीद! एक ऐसा शब्द जो मुर्दे में भी प्राण फूँक सकता है। कहा गया है कि उम्मीद पर दुनिया कायम है। जब उम्मीद धूमिल होने लगती है, देखे हुए सपने केवल सपने ही बनने लगते हैं तो उम्मीदों की उम्मीद लगाने वाले अपनी उम्मीद को सच में बदलने के लिए कुछ ऐसा कर जाते हैं कि उम्मीद हकीकत में बदल जाती है। 1969 में सांसद भागेन्द्र झा ने…

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भोजपुरी फिल्म: साल 2016 की 90ø फिल्में सुपर फ्लाॅप

भोजपुरी फिल्म: साल 2016 की 90ø फिल्में सुपर फ्लाॅप

कुलदीप श्रीवास्तव भोजपुरी सिनेमा का वर्तमान दौर लगभग 14 साल का हो गया हैं. भोजपुरी सिनेमा के इतिहास में यह सबसे बड़ा और सफल दौर साबित हो रहा है जो बिना ब्रेक के लगातार चलता आ रहा है. इसके सफलता का सबसे बड़ा कारण, भोजपुरी सामाजिक संस्था और मीडिया हैं, जो इस दौर में भोजपुरी सिनेमा के प्रचार-प्रसार में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. इसका फायदा हमारे फिल्मी कलाकारों को भरपूर मिला है और…

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बिहार और बिहारी

बिहार और बिहारी

कुलदीप श्रीवास्तव यह सन् 2002 की बात है जब बिहार के सीवान जंक्शन से चली ट्रेन ने रोजी-रोटी की तलाश वाले कई लोगों के साथ मुझे भी देश की राजधानी दिल्ली के प्लेटफाॅर्म पर उतारा था। छोटे से शहर से अचानक बड़ी अट्टालिकाओं वाले शहर में आकर ऐसा लगा कि जैसे मैं किसी भूल-भुलैया में आ गया हूं। जब किसी से भोजपुरी प्रभाव वाली हिंदी में कुछ पूछता तो सामने वाले का सबसे पहला वाक्य…

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भोजपुरी विरोध का क्यों?

भोजपुरी विरोध का क्यों?

कुलदीप श्रीवास्तव भाषा का विरोध और वह भी अपने देश की भाषा का विरोध, पारंपरिक, सांस्कृतिक एवं प्राचीन भाषा का विरोध! एक ऐसी भाषा का विरोध जो हर तरह से समृद्ध है और अपने ही देश में अपने उचित मान-सम्मान के लिए संघर्षरत है। जिस भाषा को आधिकारिक दर्जा दिलवाने के लिए लोगों को एकमत होना चाहिए, उसी भाषा का विरोध शर्म की बात नहीं तो और क्या हो सकती है। जी हाँ,आज कल हिंदी…

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