इस होली के रंग में

इस होली के रंग में

मैने तन-मन खुब भिंगोया , इस होली के रंग में , तुम भी प्रेम की इस खुश्बू को रख लो अपने संग में ।   ऐसा रंग रंगें मिलजुल कर फीकी ना हो पाये , जीवन-उत्सव की खुशियों से हर कोना भर जाये ।   अब के बरस कुछ यूं कर डालें सबको साथ बुलाकर , अपने दिल की खुशियां बाटें सबको गले लगाकर ।   अबीर-गुलाल और झांझ-मजीरे सबका दिल बहलायें , रौशन दिल…

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प्रेम -दीप

प्रेम -दीप

मोहब्बत के दीये, ऐसे जलाएं, गगन के तारकों से जगमगायें . जहाँ नफरत की आँधी तोड़ती ,दरवाज़ा -ए -मिल्लत , चलो वैसे जहां को, भूल जाएँ . महकते फूल की मानिंद ,कुछ एहसान यूँ कर दें , मचलती तितलियों को खूब भायें. यही अंजाम होना है ,यहाँ पर प्यार वालों का , हँसे दो पल औ फिर आँसू बहायें . कभी दीपक ,कभी जुगनू व सूरज -चाँद सा बनकर , उजालों की नयी महफिल सजायें।…

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