जोगीजी….धीरे-धीरे! जोगीजी…..बाह…..जोगीजी!

जोगीजी….धीरे-धीरे! जोगीजी…..बाह…..जोगीजी!

पं. प्रभाकर पांडेय गोपालपुरिया गाना-बजाना ना आवेला हमरा, पर गाना-बजाना सुनल बहुते नीक लागेला। हँ पर लोकगीतन, पुराना गीतन आदि के सुनल हम खूब पसंद करेनी। इ जवन सीर्सक बा- जोगीजीवाला, इहां इ गाना की रूप में नइखे, हम जोगीजी के बात करतानी। जी हाँ, योगी आदित्यनाथ जी के, यूपी की माननीय मुख्यमंत्री जी के। यूपी में जवनेगाँ भाजपा जीतलि ह, सायद ओंगा केहू के उम्मीद ना रहल होई। साइकिल पूरा तरे पेंचर हो गइल,…

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सबरंग, लोकरंग के वाहक भोजपुरी पंचायत

सबरंग, लोकरंग के वाहक भोजपुरी पंचायत

कुलदीप कुमार@bhojpuripanchayat.in ‘भोजपुरी पंचायत’ में भोजपुरी की है आत्मा बसती, इसमें लोक संस्कृति, लोकरंग की कोयल है कू-कू करती, यह सिपाही है भोजपुरी समाज, संस्कृति और विरासत की, इसमें हमारी मातृभाषा भोजपुरी महकती, चहकती, गमकती। प्रणाम। राम-राम। जय मातृभाषा। जय भोजपुरी। जय-जय भोजपुरी पंचायत। जी हाँ। भोजपुरी पंचायत ने अपने कर्मपथ पर अनवरत अग्रसर रहते हुए चार वर्ष की सार्थक, समयोचित यात्रा पूरी कर ली है। चार वर्ष की यह छोटी बाला है तो छोटी,…

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छूट के छूट उडे

छूट के छूट उडे

तन तोप के घुमल छूटल, मन के रास ढिलाइल बा। मश्किल बा कहल एघडी, के केकरा संगे अझुराईल बा।। छूट के, छूट के धज्जी उडे उन्नति के डगर धराईल बा। सांझे पराते गोंईंया बदले एकईसवीं सदी आईल बा।। सत् असत् कुछुओ ना होला, धन से सब तोपाईल बा। जांच के जे कोख में मरलस, उ लडकी ला खखनाईल बा।। धर्मी मनई के झुकल पताका अधरमियन के लहराईल बा। नेकी कइलें तीन पीछा गइलें कपटीयन ला…

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