वसंत अइले नियरा

वसंत अइले नियरा

केशव मोहन पाण्डेय@bhojpuripanchayat.in हरसेला हहरत हियरा हो रामा, वसंत अइले नियरा।। मन में मदन, तन ले ला अंगड़ाई, अलसी के फूल देखि आलस पराई, पीपर-पात लागल तेज सरसे, अमवा मोजरीया से मकरंद बरसे, पिहू-पिहू गावेला पपीहरा हो रामा, वसंत अइले नियरा।। मटरा के छिमिया के बढ़ल रखवारी, गेहूँआ के पाँव भइल बलीया से भारी, नखरा नजर आवे नजरी के कोर में, मन करे हमहूँ बन्हाई प्रेम-डोर में, जोहेला जोगिनीया जियरा हो रामा, वसंत अइले नियरा।।…

Read More

छूट के छूट उडे

छूट के छूट उडे

तन तोप के घुमल छूटल, मन के रास ढिलाइल बा। मश्किल बा कहल एघडी, के केकरा संगे अझुराईल बा।। छूट के, छूट के धज्जी उडे उन्नति के डगर धराईल बा। सांझे पराते गोंईंया बदले एकईसवीं सदी आईल बा।। सत् असत् कुछुओ ना होला, धन से सब तोपाईल बा। जांच के जे कोख में मरलस, उ लडकी ला खखनाईल बा।। धर्मी मनई के झुकल पताका अधरमियन के लहराईल बा। नेकी कइलें तीन पीछा गइलें कपटीयन ला…

Read More