सबरंग, लोकरंग के वाहक भोजपुरी पंचायत

सबरंग, लोकरंग के वाहक भोजपुरी पंचायत

कुलदीप कुमार@bhojpuripanchayat.in ‘भोजपुरी पंचायत’ में भोजपुरी की है आत्मा बसती, इसमें लोक संस्कृति, लोकरंग की कोयल है कू-कू करती, यह सिपाही है भोजपुरी समाज, संस्कृति और विरासत की, इसमें हमारी मातृभाषा भोजपुरी महकती, चहकती, गमकती। प्रणाम। राम-राम। जय मातृभाषा। जय भोजपुरी। जय-जय भोजपुरी पंचायत। जी हाँ। भोजपुरी पंचायत ने अपने कर्मपथ पर अनवरत अग्रसर रहते हुए चार वर्ष की सार्थक, समयोचित यात्रा पूरी कर ली है। चार वर्ष की यह छोटी बाला है तो छोटी,…

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बिहार और बिहारी

बिहार और बिहारी

कुलदीप श्रीवास्तव यह सन् 2002 की बात है जब बिहार के सीवान जंक्शन से चली ट्रेन ने रोजी-रोटी की तलाश वाले कई लोगों के साथ मुझे भी देश की राजधानी दिल्ली के प्लेटफाॅर्म पर उतारा था। छोटे से शहर से अचानक बड़ी अट्टालिकाओं वाले शहर में आकर ऐसा लगा कि जैसे मैं किसी भूल-भुलैया में आ गया हूं। जब किसी से भोजपुरी प्रभाव वाली हिंदी में कुछ पूछता तो सामने वाले का सबसे पहला वाक्य…

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