जीएसटी : ये राह नहीं आसां

जीएसटी : ये राह नहीं आसां

जीएसटी भारत जैसे देश के लिए जहां कई राज्य और उनकी सरकारें हों वहाँ विदेशी निवेशकों और अंतरराज्यीय व्यापार मे बहुत सी चुनौतियाँ थी, जो निश्चित तौर पर इस जीएसटी बिल से दूर होंगी। अब सम्पूर्ण भारत मे एक तरह की वस्तु पर एक ही दर का कर लगेगा जबकि पहले एक ही तरह की वस्तु पे विभिन्न राज्यों में अलग अलग कर दर थे अलग अलग परिभाषाएँ थी । पहले सीएसटी का क्रेडिट दूसरा…

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जनतंत्र के महाजन का पुनर्जन्म

जनतंत्र के महाजन का पुनर्जन्म

पंकज जैसवाल वर्तमान दौर में बैंकों द्वारा अपने स्वनिर्णय के द्वारा सेवा शुल्कों में बढ़ोत्तरी से पूर्व हमें बैंकों के राष्ट्रीयकरण के इतिहास के पन्नों में झांकना पड़ेगा। हमें याद करना चाहिए कि भारत कि जनता को बैंकों की महाजनी से मुक्त कर बैंकों के राष्ट्रीयकरण के वक़्त तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गांधी ने कहा था कि “बैंकिंग प्रणाली जैसी संस्था, जो हजारों -लाखों लोगों तक पहुंचती है और जिसे लाखों लोगों तक पहुंचाना चाहिए,…

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