बिहार और बिहारी

बिहार और बिहारी

कुलदीप श्रीवास्तव यह सन् 2002 की बात है जब बिहार के सीवान जंक्शन से चली ट्रेन ने रोजी-रोटी की तलाश वाले कई लोगों के साथ मुझे भी देश की राजधानी दिल्ली के प्लेटफाॅर्म पर उतारा था। छोटे से शहर से अचानक बड़ी अट्टालिकाओं वाले शहर में आकर ऐसा लगा कि जैसे मैं किसी भूल-भुलैया में आ गया हूं। जब किसी से भोजपुरी प्रभाव वाली हिंदी में कुछ पूछता तो सामने वाले का सबसे पहला वाक्य…

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